गाजियाबाद । एलपीजी की किल्लत ने रसोई के पारंपरिक ढांचे को झटका देते हुए उपभोक्ताओं को अन्य विकल्पों की ओर मोड़ दिया है। इसका सबसे बड़ा असर इंडक्शन चूल्हों की बिक्री पर दिख रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप गर्ग का दावा है कि जितने इंडक्शन चूल्हे पिछले 10 वर्षों में नहीं बिके, उतने अकेले मार्च महीने में बिक गए।


