दिल्ली । दिल्ली हाईकोर्ट ने खुद को आध्यात्मिक गुरु बताने वाले वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम में एक महिला के रहने के फैसले में दखल देने से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वह किसी बालिग व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ कुछ करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।


