पटना साहिब । सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज जी के 360वें प्रकाश पर्व को भव्य तरीके से मनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। 13, 14 और 15 जनवरी 2027 को आयोजित होने वाले इस धार्मिक आयोजन को लेकर बुधवार को तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई।
बैठक में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वहीं, प्रकाश पर्व के अवसर पर प्रधानमंत्री को भी आमंत्रित किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा पर चर्चा
प्रकाश पर्व की तैयारियों को लेकर आयोजित इस बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी प्रीति वर्मा, जिलाधिकारी, एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा, आईजी जितेंद्र राणा, पूर्वी एसपी और पटना सिटी के एसडीओ कशिश बक्शी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान अधिकारियों ने आयोजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जरूरी व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया। यातायात को सुचारु बनाए रखने, गुरुद्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई, पेयजल की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री को दिया जाएगा निमंत्रण
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगजोत सिंह सोही ने बताया कि श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज जी के 360वें प्रकाश पर्व के अवसर पर प्रधानमंत्री को भी आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बड़े धार्मिक आयोजन को भव्य और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए कमेटी तैयारियों में जुटी है। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी मिलकर काम कर रहे हैं।
पटना साहिब सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज जी की जन्मस्थली है। इसी वजह से यह स्थान सिख समुदाय के लिए विशेष धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है। हर साल यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। 360वें प्रकाश पर्व के अवसर पर भी देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बेहतर समन्वय के साथ तैयारियों को पूरा करने में जुटे हैं, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।


