नई दिल्ली । दिल्ली की हवा पर दोहरा दबाव है। एक ओर स्थानीय स्रोतों से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी घटने का अनुमान है, वहीं दूसरी ओर पड़ोसी जिलों से आने वाला धुआं हवा में तेजी से घुल रहा है। भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के मुताबिक, 23 अक्तूबर को दिल्ली के पीएम2.5 प्रदूषण में स्थानीय स्रोतों की हिस्सेदारी 35.085 फीसदी थी, जो 25 अक्तूबर तक घटकर 29.447 फीसदी रह सकती है।


