नई दिल्ली । संसदीय चुनावों की बिसात बिछने के साथ ही राजनीतिक दलों में शह और मात का खेल शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल जाने से दिल्ली आम आदमी पार्टी और भाजपा की सियासत का अखाड़ा बनी हुई थी, ऐसे में बुधवार को कैबिनेट मंत्री राजकुमार आनंद के पद और पार्टी छोड़ने से सियासी पारा नए सिरे से ऊपर चढ़ा है।


