कुछ परिजन दुबई घूम कर आये हैं। उन्होंने टेक्सी चालक, गाइड, होटल मालिक, फ्रेंड्स आदि के और अपने अनुभूत अनुभव साझा किए। दुबई महंगा मुल्क है।
सफाई और सुंदरता में इतना बेजोड़ है कि जितनी वहाँ की जनसंख्या उससे अधिक वहाँ पर्यटक रहते हैं जो उसकी आय बढ़ाते हैं। कोई पर्यटक या नागरिक का कीमती सामान सड़क पर छूट जाए तो कोई चोरी नहीं करता, दो दिन बाद भी वहीं मिलेगा। कोई अकेली सुंदर लड़की रात के तीन बजे भी बाहर जाए आये सुरक्षित है। कोई ताका झांकी तक नहीं है। पान गुटके के दाग तो छोड़िए सड़क पर भी धूल तक नहीं है। सरकार जनता से कोई टेक्स नहीं लेती उल्टा जो गरीब हैं वें भी तथाकथित भारतीय विला में रहते हैं। कोई भीख मांगता नहीं मिलेगा। जो मकान पर लोन लेते हैं सरकार रमादान के नाम पर उनका लोन खुद अदा कर देती है। रेगिस्तान की धरती है सारा खाद्य सामग्री भारत जैसे मुल्कों से जाती है। बच्चे को-एडुकेशन में नहीं पढ़ते मगर कोई कितना भी पढ़े कोई पाबंदी नहीं है।
राजनीति में परिवारवाद है दूसरे मुल्क उन्हें दबा नहीं लें सात देश मिलकर समूह में रहते हैं। जिसका एक देश का शासक अध्यक्ष है जो अबू धाबी का राष्ट्रपति है। संसद में महिलाओं का 50 प्रतिशत आरक्षण है। यहाँ की तरह स्त्रियों का शोषण तो छोड़िए फब्तियां तक कोई नहीं कस सकता। पानी समुद्र का साफ करके इस्तेमाल करते हैं। महंगा है, बावजूद इसके हर जगह पीने के लिए पानी और शौचालय मौजूद हैं। अपने देश की स्त्रियों पर नग्न घूमने पर पाबंदी है, टूरिस्ट कुछ भी पहनें कोई रोक नहीं है। एक स्त्री की ब्रांडेड जैकेट तीन दिन बाद बस वाले ने लौटा दी। सड़क पर भी महंगा मोबाइल छूट जाए वहीं रखा मिलेगा। तेल और सोने के अलावा कुछ नहीं होता उसके बाद भी इतना अमीर मुल्क है वह भी बिना टैक्स से जनता की खाल उतारे हुए। हर जगह मस्जिद हैं। एक बहुत बड़ा नारायण का मंदिर भी है। बस मस्जिद में सिर ढकना अनिवार्य है। जाने में रोक नहीं है। कभी उनके एरोप्लेन देखना कितनी बेहतरीन क्वालिटी होती है। दुबई की एक दिरहम का मूल्य लगभग 24 रुपये के बराबर होता है।
दुबई अपनी भव्य वास्तुकला, आलीशान जीवनशैली और आधुनिकता के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा, कृत्रिम पाम जुमेराह द्वीप, और विशाल शॉपिंग मॉल (दुबई मॉल) प्रमुख आकर्षण हैं। यह शहर अपनी शानदार नाईटलाइफ, रेगिस्तानी सफारी, और टैक्स-मुक्त खरीदारी (सोना, इलेक्ट्रॉनिक्स) के लिए दुनिया भर में मशहूर है।
दुबई की प्रमुख खासियतें:
आधुनिक चमत्कार: बुर्ज खलीफा, पाम जुमेराह और दुबई फ्रेम जैसे इंजीनियरिंग के अद्भुत नमूने।
खरीदारी और फैशन: 'दुबई मॉल' दुनिया के सबसे बड़े मॉलों में से एक है। यह शहर गोल्ड सूक (सोने का बाजार) और इलेक्ट्रॉनिक्स की सस्ती खरीदारी के लिए जाना जाता है।
पर्यटन: दुबई मिरेकल गार्डन (फूलों का बगीचा) और डेजर्ट सफारी (रेगिस्तान में ऊंट की सवारी और डिनर) प्रमुख आकर्षण हैं।
संस्कृति और भोजन: अल् फहीदी ऐतिहासिक पड़ोस (अल फहीदी) में पुरानी संस्कृति की झलक मिलती है, जबकि यहाँ के रेस्तरां में हर तरह का अंतरराष्ट्रीय व्यंजन मिलता है।
सुरक्षा और जीवनशैली: यह दुनिया के सबसे सुरक्षित और विकसित शहरों में से एक है, जो आधुनिकता और परंपरा का अनूठा मिश्रण पेश करता है।
वास्तुकला: म्यूजियम ऑफ द फ्यूचर और बुर्ज अल अरब होटल (दुनिया के सबसे महंगे होटलों में से एक) यहाँ की भव्यता को दर्शाते हैं।
भारत जिन मुल्कों को बेहतरीन खाद्य पेय सामग्री निर्यात करता है उस भारत में अपने नागरिकों को मिलावटी खाद्य पदार्थ खिलाकर बीमार किया जाता है। इतने छोटे-छोटे मुल्कों से भी भारत उनसे सक्षम होते हुए बड़ा होते हुए कितना पिछड़ा हुआ है। अब आप कहेंगे जनसंख्या वह तो चीन में भी है कमी भारत में नहीं है यहाँ की जनशक्ति और नेतृत्व में है। वहाँ क्वालिटी से कहीं भी किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं है। यहाँ हमारे देश की धरती असली सोना उगलती है उसे बंजर कर दिया जाता मिलावट कर दूषित कर दिया जाता है। दिव्य नदियों के नाले बना दिये हैं। दिन रात मजहब के ढोल नगाड़े बजाने वाले बच्चियों के रेप कर रहे हैं। चोरी मिलावट खोरी में व्यस्त-मस्त हैं। नेता जनता को टैक्स पर टैक्स से खसोटने में लगे हैं। यहाँ के लोग, नेता वहाँ घूमने तो जाते होंगे कुछ तो सीखें। यहाँ येन केन प्रकारेण कुर्सी हथिया कर उससे चिपक जाते हैं उसके बाद देश की सारी ऊर्जा, धन, संपदा उसे बचाने में जाया करते हैं। निसंदेह दुनिया के सबसे घटिया नेता भारत में है जिन्होंने देश का सत्यानाश कर दिया है। उनसे घटिया यहाँ की जनता है जो अपवाद छोड़कर इन गुंडे, बदमाश, आवारा चोर अपराधी लोगों की तुरही बजाती हैं। इन्हीं में से अगले कुर्सी के दावेदार बनते हैं। अनेक भाड़े के टट्टू बनकर मीडिया में बैठे हैं दिन रात झूठ परोसते हैं। उन्होंने ही देश का सत्यानाश कर डाला है। असली राम राज तो वहाँ है। यहाँ जनता और नेता क्या पूरा का पूरा आवा का आवा ही बिगड़ा हुआ है। वहाँ अपराधी जेल में ठूसें जाते हैं यहाँ ईमानदार सच बोलने वाले ठूसे जा रहे हैं। यहाँ सब को झूठा, भिखारी, भ्रष्ट बनाया जाता है। यहाँ सरकारी मशीनरी संस्थाओं का दुरुपयोग सही को गलत साबित करने में होता है। वहाँ अपने देश की बेहतरी में इस्तेमाल किया जाता है। यहाँ बीमारों की कतारें हैं और हॉस्पिटल्स लूट, डकैतियों के अड्डे हैं। जो ईमानदार हैं, सही हैं, कर्मठ हैं उनकी मुसीबत है। उन्हीं की खाल उतारी जाती है। उन्हें सजा दी जाती है। उन्हें टैक्स के नाम पर लूटा जाता है। बोलो तो पाकिस्तान भेजा जाता है। वहाँ लेबर दो या तीन साल के कॉन्टेक्ट पर दूसरे मुल्कों से ले जाई जाती है। अपने नागरिकों का कोई शोषण नहीं है। बस वे कोई अपराध नहीं करें। यहाँ अपराध कुछ भी कर लें बस कुर्सी वालों का समर्थन करें। काश हमारे देश की जनता और नेताओं को सद्बुद्धि मिल जाये। कोई तो आये जो इन्हें रास्ता दिखाए, ये देख पाएं सुधर जाएं उम्मीद तो नहीं है। यथा प्रजा तथा राजा क्योंकि राजा प्रजा का प्रतिबिंब होता है उसी के भीतर से उपजता है।
देश के हर अच्छे सच्चे नागरिक की इच्छा होती है मेरा देश सारे जहां में सबसे अच्छा कहा जाए, बने, हमारे खुद खुद के मियां मिट्ठू बनने से क्या होगा बात तो तब है जब बाहर के लोग हमारे देश की देशवासियों की प्रशंसा करें। हमारे देश में तो विदेशी नागरिकों के साथ लूटपाट रेप की घटनाएं हो जाती हैं। लोग अपने देश के सम्मान प्रतिष्ठा को गिरा डालते हैं। गंदगी ढक भी देंगे तो बास तो मारेगी यदा कदा उघड़ भी जाएगी। यहाँ कानून को सख्त बनाने, चमचों चाटुकारों को सबसे पहले सबक सिखाने की जरूरत है क्योंकि उनके बढ़चढ़ कर तुरही बजाने का कोई तो कारण अवश्य है।


