बरसात के दौरान हर साल होने वाले जलभराव की समस्या से शहर को जल्द बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। प्रदेश सरकार की अर्बन फ्लड (जल प्लावन) एवं स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना के तहत 105.28 करोड़ रुपये की लागत वाली ड्रेनेज परियोजना को राज्य स्तरीय शीर्ष समिति (एसएलएसी) ने मंजूरी दे दी है।
अब मुख्यमंत्री की अंतिम स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
परियोजना के तहत क्वार्सी चौराहे से जाफरी ड्रेन, एटा चुंगी मार्ग होते हुए बोनेरे नाले तक करीब 6.2 किलोमीटर लंबा आरसीसी (बरसाती) नाला बनाया जाएगा। इससे बारिश के पानी की वैज्ञानिक ढंग से और तेज निकासी सुनिश्चित होगी।
हाल ही में लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित एसएलएसी की बैठक में नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने अलीगढ़ के ड्रेनेज सिस्टम और जलभराव की समस्या पर विस्तृत प्रस्तुति दी थी। प्रस्तुति के आधार पर समिति ने परियोजना को स्वीकृति प्रदान की।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि आरसीसी ड्रेन बनने से वर्षा जल की निकासी अधिक व्यवस्थित होगी। इसके साथ ही खुले नालों, अतिक्रमण और यातायात संबंधी समस्याओं में भी सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद सड़कों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहेगी।
बरसात के दौरान नागरिकों को आवागमन में होने वाली दिक्कतों से काफी हद तक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि 105.28 करोड़ रुपये की इस परियोजना की स्वीकृति शहर के लिए बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री की अंतिम मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
मंडलायुक्त संगीता सिंह ने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई यह योजना शहर की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी। वहीं, जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री की अंतिम स्वीकृति के बाद परियोजना के क्रियान्वयन से जुड़ी सभी प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रियाएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी कराई जाएंगी।
इस परियोजना को सांसद सतीश गौतम, कोल विधायक अनिल पाराशर, महापौर प्रशांत सिंघल, मंडलायुक्त संगीता सिंह, जिलाधिकारी अविनाश कुमार तथा नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के संयुक्त प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शहर को वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। यह परियोजना शहर को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। -सतीश गौतम, सांसद
यह परियोजना शहर के विकास को नई गति देगी। प्रदेश सरकार निरंतर शहरी आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने का कार्य कर रही है। बरसात के दौरान नागरिकों को जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार का धन्यवाद।
नगर निगम की यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे शहर की सबसे बड़ी समस्या के समाधान का रास्ता खुला है। नागरिकों को बारिश के दिनों में जलभराव से मुक्ति मिलेगी।


