लखनऊ । केजीएमयू में मरीजों का ज्यादा दबाव होने का फायदा उठाने में कई जूनियर रेजिडेंट (जूनियर डॉक्टर) भी पीछे नहीं हैं। मरीजों को अच्छे इलाज का झांसा देकर कई रेजिडेंट निजी अस्पताल भेज रहे हैं। केजीएमयू प्रशासन ने इसकी जानकारी होने पर गुपचुप तरीके से ट्रॉमा सेंटर में तैनात पांच जूनियर रेजिडेंट (नॉन पीजी) की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।


