श्रीनगर/जम्मू । घाटी समेत पूरे जम्मू-कश्मीर में शनिवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहा। ऊपरी इलाकों में बर्फबारी हुई जबकि मैदानी इलाकों में बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज हुई है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामबन क्षेत्र में कई जगह पहाड़ से पत्थर गिरे और भूस्खलन हुआ। इससे यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा।
मौसम के तल्ख मिजाज के देखते हुए कठुआ, उधमपुर, किश्तवाड़ जिले के पहाड़ी एवं दूरदराज क्षेत्रों में स्कूल बंद रहे।
हिमस्खलन का अलर्ट
वहीं प्रशासन ने गांदरबल में हिमस्खलन का अलर्ट जारी किया है। लोगों को ऊंचे इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। 2400 मीटर से ऊपर मध्यम तीव्रता का जोखिम है। प्रशासन ने सभी नागरिकों से सतर्कता बरतने का आग्रह किया है।
रातभर रुक-रुककर हुई बर्फबारी
अधिकारियों के अनुसार कुपवाड़ा के साधना टॉप, शोपियां के मुगल रोड और बांदीपोरा के राजदान टॉप सहित गुरेज और तुलेल जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रात भर रुक-रुककर बर्फबारी हुई। प्रसिद्ध पर्यटक स्थल गुलमर्ग की अफरवत पहाड़ियों और सोनमर्ग-जोजिला की चोटियों पर भी बर्फ गिरी है। जम्मू संभाग के अधिकतर क्षेत्रों में शनिवार तड़के से बारिश होती रही।
छोटे वाहनों के लिए यातायात खोला
बर्फ जमा होने के कारण मुगल रोड पर यातायात प्रभावित हुआ है। पीर की गली क्षेत्र में काफी बर्फ गिरी। बीआरओ की मशीनरी लगातार काम पर लगी है। फिलहाल एकतरफा यातायात बहाल कर लिया गया है। इसके साथ ही राजोरी-पुंछ की ओर से कश्मीर के लिए छोटे वाहनों के लिए यातायात खोल दिया गया है।
200 स्कूल बंद रहे
लगातार दूसरे दिन भारी बारिश और पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के कारण जम्मू संभाग में उधमपुर जिले के चिनैनी और किश्तवाड़ के कई दूरदराज इलाकों में स्कूलों को एहतियातन बंद रखना पड़ा। अकेले चिनैनी शिक्षा जोन में लगभग 200 स्कूल बंद रहे।
सतर्क रहने की सलाह
प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और यात्रियों को ट्रैफिक एडवाइजरी देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश व बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है।
राजोरी और बारामुला में सबसे अधिक बारिश
जम्मू संभाग के राजोरी और कश्मीर के बारामुला में सबसे अधिक बारिश हुई। शनिवार सुबह आठ बजे तक 24 घंटे में श्रीनगर में 25.1 मिमी, बारामुला में 45.5 मिमी, जम्मू में 14.4 मिमी और राजौरी में 61.0 मिमी बारिश हुई।
बारिश के बाद नदी-नाले, पर बाढ़ का खतरा नहीं
कश्मीर में बारिश के चलते नदी और नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया है लेकिन कहीं भी बाढ़ का खतरा नहीं है। शनिवार सुबह झेलम नदी और उसकी सहायक नदियों में जल स्तर सामान्य सीमा के भीतर रहा। सबसे अधिक संगम में जल स्तर 6.63 फीट था जबकि खतरे का स्तर 25 फीट है।
गुरेज रोड बंद, बर्फ में फंसे 38 वाहन निकाले
उत्तरी कश्मीर में बांदीपोरा-गुरेज रोड शनिवार को भारी बर्फबारी के कारण बंद रहा। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के एक अधिकारी ने बताया कि रात भर चले बचाव अभियान के दौरान फंसी हुई 38 गाड़ियों को सुरक्षित निकाल लिया। उन्होंने बताया कि राजदान दर्रे के पास ये वाहन बर्फ में फंस गए थे। यात्रियों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। सड़क से बर्फ हटाई जा रही है। ये मार्ग कई दिनों से बंद है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 85 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर आवाजाही सीमित की है। मौसम विज्ञान विभाग ने इस क्षेत्र में रविवार को भी बारिश और बर्फबारी के आसार जताए हैं।


