कानपुर । उत्तर प्रदेश के कानपुर के सेन पश्चिम पारा में सोमवार देर रात भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश सचिव रमेश यादव को उनके फॉर्म हाउस में दो नकाबपोश बदमाशों ने बंधक बना लिया। चाकू और तमंचे के बल पर बदमाश 12 लाख की नकदी और सोने की चेन, कड़ा समेत 34 लाख का माल लूट ले गए।
भागने से पहले बदमाशों ने रमेश के हाथ-पैर टेप से बांधे और मुंह में तौलिया ठूंसकर उसे गमछे और टेप से कस दिया। इसके बाद बाथरूम में डाल दिया। कुछ देर बाद रमेश ने खुद को खोलकर साथियों को सूचना दी। पुलिस, फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
फुटेज के मुताबिक, पूरी वारदात 37 मिनट के भीतर हुई है। पुलिस को किसी करीबी का हाथ होने की भी आशंका है। सेन पश्चिम पारा के न्यूरी गांव निवासी रमेश यादव बिधनू से तीन बार ब्लॉक प्रमुख रहे हैं। वह बसपा से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं।
इस वक्त रमेश पीतांबरा ग्रुप के चेयरमैन भी हैं। हाल ही में उन्हें भाजपा ओबीसी मोर्चा का प्रदेश सचिव बनाया गया है। उनके घर से 50 मीटर की दूरी पर अल्का कृषि फॉर्म हाउस है।
लखनऊ से पदभार ग्रहण करने के बाद फॉर्म हाउस लौटे थे रमेश
रमेश के मुताबिक सोमवार रात 10:15 बजे वह लखनऊ से पदभार ग्रहण करने के बाद फॉर्म हाउस लौटे थे। उनके बाउंसर, छह प्राइवेट गार्ड व साथी अपने-अपने घर चले गए। पौने ग्यारह बजे चालक अभय भी रमेश को खाना देने के बाद चला गया।
एक ने तमंचा और दूसरे ने चाकू तान दिया
रमेश के मुताबिक, करीब 11 बजे काले कपड़े पहने दो नकाबपोश बदमाश उनके कमरे में घुस आए। एक ने तमंचा और दूसरे ने चाकू तान दिया। बदमाश पेट्रोल की बोतल भी लिए थे। दोनों बदमाशों ने टेप से उनके हाथ बांधे और अलमारी वाले कमरे में ले गए।
लॉकर से 12 लाख रुपये निकाले और उनके गले से सोने की दो चेन, कड़ा और हाथ से दो कीमती घड़ी लूट ली। इसकी अनुमानित कीमत 22 लाख बताई जा रही है। बदमाशों ने कहा कि वे परेशान हैं। उन्हें दो करोड़ रुपये दे दो।
इस पर रमेश ने फोन करने को कहा तो बदमाशों ने कहा, तुम अपने साथी बलराम को फोन करोगे। भागने से पहले दोनों बदमाशों ने उन्हें बांधकर बाथरूम में डाल दिया। जाते समत बदमाशों ने उनके पास पानी की बोतल और तौलिया भी रख दिया।
किसी तरह छूटे रमेश ने अपने साथियों को फोन कर घटना की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक जिस वक्त घटना हुई फॉर्म हाउस के गेट पर खड़े दो गार्डों को उसकी भनक तक नहीं लगी।
मुंह में तौलिया ठूंसी, टेप से बांधे हाथ-पैर
रमेश यादव ने बताया कि पिछड़ा मोर्चा का प्रदेश सचिव चुने जाने के बाद वह पहली बार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में होने वाली बैठक में शामिल होने लखनऊ गए थे। लौटकर कमरे में मोबाइल पर कार्यक्रम की झलकियां देख रहे थे, तभी दरवाजा खटखटाने की आवाज आई। ऊपर देखा तो काली पोशाक और नकाब पहने, असलहों से लैस दो बदमाश सामने खड़े थे। एक लंबा और दूसरा नाटे कद का था।
उन्होंने धमकाया कि शांत रहो, नहीं तो गोली मार देंगे। रमेश के मुताबिक, शोर मचाने पर लंबे बदमाश ने उनके मुंह पर मुक्का मारा और तौलिया ठूंस दी। इसके बाद गमछे से मुंह बांध दिया गया। दूसरे बदमाश ने बैग से टेप निकालकर उनके हाथ-पैर बांध दिए।
'बजरंगबली की कसम है किसी से कहोगे नहीं...'
रमेश ने बताया कि बदमाश उन्हें बाथरूम में ले गए। पसीना आने पर उन्होंने तौलिया मांगी तो बदमाशों ने तौलिया और पानी की बोतल दी। मोबाइल भी दिया। बदमाशों ने कहा कि वह बजरंगबली के भक्त और अच्छे आदमी हैं, इसलिए उन्हें मारेंगे नहीं। कहा कि तुम्हें कसम है कि घटना अपने तक ही रखोगे, किसी से कहोगे नहीं। कहा कि 15 मिनट बाद तुम खुद को खोल लोगे, तब तक वे जा चुके होंगे।
40 मिनट तक छिपे रहे बदमाश
सीसीटीवी में बदमाश रात 10:20 बजे घुसते और 11:37 बजे दीवार फांदकर भागते दिखे। 40 मिनट तक फॉर्म हाउस के अंदर ही छिपे रहने के बाद करीब 11 बजे बदमाशों ने रमेश पर हमला बोला और 37 मिनट में वारदात को अंजाम देकर भाग गए।
प्राथमिकी दर्ज की गई है। शुरुआती जांच में लग रहा है कि बदमाश जिस रास्ते से आए वहीं से भागे भी हैं। गांव के तीन-चार संदिग्धों को उठाया है। खुलासे के लिए आठ टीमें लगीं हैं।


