पूर्वी दिल्ली । सीलमपुर की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए बेहतर आवास और बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद जगी है। दिल्ली सरकार ने यहां की चार झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास की प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के तहत कुल 1,243 झुग्गियों की जगह बहुमंजिला आवासीय इमारतें विकसित करने की तैयारी है।
इसका उद्देश्य पात्र निवासियों को उनके मौजूदा इलाके में ही बेहतर आवास उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें रोजगार, बच्चों की पढ़ाई और आसपास की सुविधाओं से दूर न होना पड़े।
दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (डूसिब) इस परियोजना के लिए निजी एजेंसी को लेनदेन सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया में है। सलाहकार की नियुक्ति से संबंधित काम 112 दिनों की अवधि के लिए निर्धारित किया गया है। एजेंसी सबसे पहले पुनर्विकास की व्यवहार्यता का अध्ययन करेगी। इसमें जमीन का क्षेत्रफल, निर्माण की संभावनाएं, इमारतों की ऊंचाई, फ्लैटों की संख्या, पार्किंग और अनुमानित लागत जैसे पहलुओं का आकलन किया जाएगा।
चार बस्तियों को योजना में किया शामिल
पुनर्विकास के लिए चुनी गई बस्तियों में ब्रह्मपुरी रोड, ईआईजी पुश्ता ब्लॉक, सीपीजे ब्लॉक और जी-ब्लॉक गुरुद्वारा पार्क शामिल हैं। इनमें ब्रह्मपुरी रोड की बस्ती 24,900 वर्ग मीटर में फैली है, जहां 305 झुग्गियां हैं। ईआईजी पुश्ता ब्लॉक में 14,500 वर्ग मीटर जमीन पर 418 झुग्गियां हैं। इन दोनों बस्तियों में कुल 723 झुग्गियां हैं। शेष 520 झुग्गियां सीपीजे ब्लॉक और जी-ब्लॉक गुरुद्वारा पार्क में स्थित हैं।
सर्वे के बाद तय होगा निर्माण का खाका
परियोजना के अगले चरण में यह तय किया जाएगा कि उपलब्ध जमीन पर कितने फ्लैट बनाए जा सकते हैं और इमारतों की कितनी मंजिलें होंगी। इसके अलावा जमीन पर निर्माण की सीमा, कुल निर्मित क्षेत्र, निर्माण लागत और पार्किंग की जरूरतों का भी अध्ययन किया जाएगा। एजेंसी आसपास की सड़कों, यातायात व्यवस्था, मौजूदा नागरिक सुविधाओं और जमीन के बेहतर उपयोग की संभावनाओं को ध्यान में रखकर रिपोर्ट तैयार करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर परियोजना के निर्माण और विकास की आगे की दिशा तय होगी।
पीपीपी मॉडल पर विकसित होगी परियोजना
यह योजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर आगे बढ़ाई जा रही है। इसके तहत निजी विकासकर्ता पात्र झुग्गी निवासियों के लिए पुनर्वास आवास बनाएंगे। इसके बदले उन्हें जमीन के कुछ हिस्से पर विकास का अधिकार दिया जा सकता है। इससे परियोजना को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने में मदद मिलेगी। जमीन का कितना हिस्सा आवास और अन्य विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल होगा, इसका फैसला व्यवहार्यता अध्ययन के बाद किया जाएगा।
सड़क और जलनिकासी व्यवस्था पर भी रहेगा जोर
सीलमपुर की घनी आबादी वाली बस्तियों में आवास के साथ बेहतर नागरिक सुविधाओं की भी जरूरत है। संकरी गलियां, पार्किंग की कमी, जलनिकासी और यातायात की समस्या यहां के प्रमुख मुद्दे हैं। ब्रह्मपुरी रोड पर डिवाइडर होने के बावजूद अतिक्रमण, सड़क किनारे खड़े वाहन और दुकानों के बाहर रखा सामान आवागमन को प्रभावित करते हैं। ऐसे में पुनर्विकास की योजना में सड़क व्यवस्था, पर्याप्त पार्किंग और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही के लिए जरूरी प्रावधान करना अहम होगा। इससे इलाके में आवासीय सुविधाओं के साथ समग्र बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने का अवसर मिल सकता है।
डीडीए के फ्लैटों की बिक्री में 80 फीसदी का उछाल
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के फ्लैटों की बिक्री में चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले सात महीनों में करीब 80 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। अप्रैल से अक्तूबर के बीच डीडीए ने कुल 9,332 फ्लैट बेचे, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 5,198 फ्लैटों की बिक्री हुई थी। खास बात यह है कि निम्न आय वर्ग (एलआईजी), मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) और उच्च आय वर्ग (एचआईजी) श्रेणियों में सात महीने की बिक्री पिछले पूरे वित्त वर्ष के आंकड़े को भी पार कर गई है।
डीडीए के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में अब तक 5,171 एलआईजी फ्लैट बिक चुके हैं, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 3,547 फ्लैट बिके थे। इसी तरह एमआईजी श्रेणी में अप्रैल से अक्तूबर के बीच 1,704 फ्लैटों की बिक्री हुई, जबकि पिछले पूरे वित्त वर्ष में यह संख्या 1,580 थी। एचआईजी श्रेणी में भी बिक्री दोगुने से अधिक रही। इस साल सात महीने में 820 फ्लैट बिके, जबकि पिछले पूरे साल में 404 फ्लैटों की बिक्री हुई थी।
नरेला बना खरीदारों की पहली पसंद
डीडीए की कुल बिक्री में 90 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी नरेला की रही है। बेहतर सड़क और परिवहन सुविधाओं के विकास से यह क्षेत्र तेजी से आवासीय विकल्प के रूप में उभर रहा है। यहां शहरी विस्तार मार्ग-दो (यूईआर-दो), प्रस्तावित रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो गलियारा, 138 हेक्टेयर में विकसित होने वाला शिक्षा केंद्र और खेल परिसर जैसी परियोजनाएं विकास को गति देने की उम्मीद हैं। शिक्षा केंद्र के सेक्टर जी-2 से जी-6 तक विभिन्न विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को जमीन आवंटित की गई है।
31 दिसंबर तक बुकिंग का मौका
खरीदारों को राहत देते हुए डीडीए ने पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर संचालित तीन आवासीय योजनाओं की बुकिंग अवधि 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है। इनमें कर्मयोगी आवास योजना-2025, कर्मजीवी आवास योजना-2026 और नागरिक आवास योजना-2026 शामिल हैं। इच्छुक लोग डीडीए के आवास पोर्टल के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन आवेदन और बुकिंग कर सकते हैं।


