नई दिल्ली । रास्ते पर बैरिकेडिंग, उसे थामे मोटी रस्सियां और सामने दिल्ली पुलिस के जवान। दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों का बढ़ता हुजूम। कुछ ही देर में कोई बैरिकेड पर चढ़कर आगे निकल रहा था, तो कोई उसे पार करने के लिए धक्का दे रहा था।
नारेबाजी के बीच प्रदर्शनकारियों का काफिला आगे बढ़ता रहा और पुलिस किनारे खड़ी नजर आई। यह दृश्य मंडी हाउस में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के पास से भगवान दास रोड तक देखने को मिला। कांग्रेस के आह्वान अलग-अलग राज्यों से आए कांग्रेस के नेता, कार्यकर्ता, छात्र और सीजेपी समर्थक बड़ी संख्या में जुटे। विपक्ष के बड़े चेहरों की मौजूदगी ने प्रदर्शन को व्यापक रूप दिया।
नेताओं की एक झलक के लिए दौड़ती रही भीड़
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के पीछे लोगों का हुजूम आगे बढ़ता रहा। कोई नेताओं को करीब से देखने की कोशिश कर रहा था, तो कोई उनके साथ चलते हुए नारे लगा रहा था। नेताओं को देखने के लिए पहुंचे आम लोग भी धक्के खाते नजर आए। इस दौरान कई लोगों को मामूली चोटें आईं। वहीं, ढोल की थाप पर प्रियंका गांधी और सुप्रिया सुले के झूमने के दृश्य भी सामने आए। आसपास के इलाकों में लंबा जाम लगा और कई लोग रास्तों पर फंसे रहे।
हिरासत पर वकीलों ने उठाए सवाल
प्रदर्शन में वकीलों, प्रोफेसरों, डॉक्टरों और छात्रों ने भी हिस्सा लिया। कई वकीलों ने कहा कि वे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। मार्च का समय दोपहर डेढ़ बजे निर्धारित था, लेकिन कार्यकर्ताओं का पहुंचना एक बजे से ही शुरू हो गया। तीन बजे तक बाराखंबा रोड कनाट प्लेस से मंडी हाउस तक इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं से भर गया।
करीब साढ़े तीन बजे पांच बसों में गठबंधन के नेता पहुंचे। कुछ नेता बसों से उतरकर पैदल मार्च में शामिल हुए, जबकि अन्य नेता बसों के जरिए आगे बढ़े। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के पैदल चलने के साथ ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उनके साथ हो लिए। राहुल गांधी ने लोगों से इस संघर्ष में साथ आने की अपील की।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया।
बैरिकेड के इस पार पुलिस, उस पार उमड़ता हुजूम
मंडी हाउस में एनएसडी के नजदीक पुलिस ने बैरिकेड लगाए थे। लोग बैरिकेड पर चढ़कर दूसरी तरफ उतरने लगे। प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी हुई और प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। लेकिन पुलिस की मौजूदगी दर्शकों में दर्ज हो गई। उनकी भीड़ को रोकने की कोशिश नाकाम होती दिखाई दी।
भगवान दास रोड पर भी बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया गया। यहां भी भीड़ का दबाव बढ़ता रहा। चार बसों में विपक्ष के दिग्गज नेता मौजूद थे, जबकि कई गाड़ियों का काफिला उनके साथ चल रहा था।
कांग्रेस मुख्यालय पर भाजपा महिला मोर्चा का हल्लाबोल, सांसद पर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस सांसद प्रो. अंगोमचा बिमोल अकोइजम को पार्टी से बाहर करने की उठाई मांग
बैरिकेड तोड़कर कार्यालय के गेट तक पहुंचने की कोशिश दोनों पक्षों में टकराव
सांसद बांसुरी स्वराज, कमलजीत सहरावत समेत कई नेता हिरासत में, एक घंटे बाद रिहा
महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा महिला मोर्चा ने सोमवार को कांग्रेस को घेरते हुए दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की छात्राओं से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले में कांग्रेस सांसद प्रो. अंगोमचा बिमोल अकोइजम को पार्टी से निष्कासित करने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी से सवाल किया कि महिला अधिकारों की बात करने वाला कांग्रेस नेतृत्व अपने सांसद पर लगे गंभीर आरोपों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है।
भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद रूप कुमारी चौधरी के नेतृत्व में हजारों महिला कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय की ओर कूच किया। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़कर कांग्रेस कार्यालय के गेट तक पहुंचने की कोशिश की। वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ।
दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व सांसद डी. पुंडेशवरी देवी, सांसद कमलजीत सहरावत, बांसुरी स्वराज और दिल्ली भाजपा महामंत्री योगिता सिंह समेत कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर आईपी एस्टेट थाने पहुंचाया। करीब एक घंटे बाद उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
बांसुरी स्वराज ने कहा कि महिला अधिकारों और पितृसत्तात्मक व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने का दावा करने वाले कांग्रेस नेतृत्व को अपने सांसद पर लगे गंभीर आरोपों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला सम्मान की प्रतिबद्धता नारों से नहीं, बल्कि जवाबदेही सुनिश्चित करने से साबित होती है। कमलजीत सहरावत ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना जरूरी है।
भाजपा ने महिला प्रदर्शनकारियों से धक्का-मुक्की और गाली-गलौज का आरोप लगाया
दिल्ली भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित धक्का-मुक्की और गाली-गलौज के मामले में कांग्रेस के चीफ मीडिया कोऑर्डिनेटर संजीव सिंह की कड़ी निंदा की है। भाजपा के मीडिया प्रमुख एवं प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि उनका व्यवहार कांग्रेस के संस्कारों को दर्शाता है।
कपूर के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान संजीव सिंह अपने कुछ साथियों के साथ बाहर आए और महिला प्रदर्शनकारियों से धक्का-मुक्की करते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। कपूर ने कहा कि दिल्ली भाजपा मामले की कानूनी समीक्षा कर रही है और संजीव सिंह के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कदम उठाएगी।


