नई दिल्ली । उत्तरी दिल्ली के वजीराबाद इलाके में 4 मई को सीए के कर्मचारी से 6.50 लाख रुपये की लूट की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस पूरी वारदात की साजिश किसी और ने नहीं बल्कि खुद सीए के कर्मचारी ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर रची थी। आरोपी ने दोस्तों को रुपये देने के बाद पुलिस को लूट की झूठी कॉल कर दी।
पुलिस ने मामले में सीए के कर्मचारी समेत तीनों आरोपियों को दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सीए के कर्मचारी, आजमगढ़, यूपी निवासी आयुष मिश्रा (20) और इसके दो दोस्त आशु (28) व आकाश (33) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर पूरी रकम 6.50 लाख रुपये और वारदात में इस्तेमाल दो बाइक बरामद कर ली है।
उत्तरी जिला के पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने बताया कि 4 मई की शाम को वजीराबाद थाना पुलिस को पुराने यमुना के पुल के पास से 6.50 लाख रुपये की कॉल मिली थी। शिकायतकर्ता आयुष मिश्रा ने बताया कि वह अपनी बुआ के साथ कौशिक एंक्लेव, बुराड़ी में रहता है। घर के पास ही वह एक सीए के यहां काम करता है।
सीए के कहने पर वह कैश लेकर राजेंद्र प्लेस जा रहा था। इस बीच बाइक सवार दो बदमाशों ने उससे रुपयों का बैग लूट लिया। पुलिस ने आयुष की शिकायत पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। आरोपी ने बताया कि वारदात करीब 6 बजे हुई। पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे कैमरों की सीसीटीवी फुटेज चेक की।
उसमें आरोपी हंसते हुए बड़े आराम से बाइक सवार दो युवकों को बैग देते हुए दिखा। इसके अलावा वारदात भी दोपहर करीब 3.30 बजे हुई। पुलिस ने इसके बारे में आयुष से पूछा तो वह इसका जवाब नहीं दे पाया। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने वारदात में अपना व दोस्तों का हाथ होने की बात स्वीकार कर ली।
आरोपी ने बताया कि वह शाम के समय आशु की दुकान पर बैठता था। आशु बाइक मैकेनिक है। यहां पर आकाश भी आता था। शाम के समय तीनों एक साथ बैठकर शराब पीते थे। इस दौरान आयुष ने दोस्तों को बताया कि वह सीए की बड़ी-बड़ी रकम इधर-उधर ले जाता है। यहीं से लूट की साजिश बनी और वारदात को अंजाम दे दिया गया।


