नई दिल्ली । हाईकोर्ट ने माना कि यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत पेनेट्रेटिव यौन हमले व गंभीर पेनेट्रेटिव यौन हमले का अपराध पुरुषों और महिलाओं दोनों के खिलाफ लगाया जा सकता है। न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी ने अपने हालिया आदेश में कहा कि पॉक्सो प्रावधानों के संयुक्त अध्ययन पर अधिनियम की धारा 3 में आने वाले शब्द 'वह' को यह कहकर प्रतिबंधात्मक अर्थ नहीं दिया जा सकता कि यह केवल पुरुष को संदर्भित करता है।

