कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी में शनिवार शाम दुर्गापूजा के एक पंडाल में भगदड़ से 13 महिलाओं समेत 19 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इनमें दो बच्चे भी हैं। 25 लोग घायल हैं, जिनमें एक गंभीर है। हादसे का शिकार चोरबागान सार्वजनिन दुर्गापूजा पंडाल की समिति और सुरक्षा एजेंसियों के करीब 10 सदस्यों को हिरासत में लिया गया है।
हादसे के बाद पंडाल की लाइटें बंद कर दी गईं और लोगों का प्रवेश रोक दिया गया। शहर के कई दूसरे दुर्गा पूजा पंडाल भी बंद कर दिए गए हैं। हादसे के बाद सीएम शुभेंदु अधिकारी कोलकाता मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायलों के समुचित इलाज का निर्देश दिया। साथ ही, हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अगुवाई में जांच का आदेश दिया। शुभेंदु ने कहा, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
मृतकों के परिजनों को 25 लाख और सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है। घायलों को पांच-पांच लाख की सहायता दी जाएगी। हादसे की जांच हाईकोर्ट के जज की अगुवाई वाली एसआईटी करेगी।
बेसुध लोगों को बाइक से अस्पताल तक पहुंचाया गया
अस्पताल के गलियारे में घायल बेटी और नन्हीं पोती की सलामती के लिए बिलख रहे बुजुर्ग ने कहा, पूरे इलाके में घना अंधेरा पसरा था, लाइट नहीं जल रही थी। हादसे के वक्त न कोई पुलिसकर्मी दिखा और न हालात संभालने के लिए पूजा समिति का कोई वॉलंटियर।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एंबुलेंस के देरी से आने के चलते बेसुध पड़े श्रद्धालुओं को मोटरसाइकिलों पर लादकर अस्पताल पहुंचाया गया।
परिवार उजड़े : आंखों के सामने अपनों का हाथ छूटा...न बचा पाने की बेबसी
जिस पंडाल में मां के गीत गूंज रहे थे, कुछ ही देर में वहां चीत्कार और बदहवासी थी। अपनी परवाह न कर हर शख्स अपनों को बचाने की जद्दोजहद में जुटा था, पर भगदड़ का आलम ऐसा कि भीड़ का धक्का लगता और अपनों का हाथ छूट जाता। नदिया से आए एक व्यक्ति ने बताया, मैं अपनी पत्नी और साली की बेटी को पूजा दिखाने कोलकाता लाया था। भगदड़ मची तो पत्नी को आंख के सामने ही गिरते देखा। पकड़ने के लिए हाथ बढ़ाया, उठाने की कोशिश की, लेकिन कुछ नहीं कर सका।
7 साल की बच्ची मां का हाथ पकड़कर पूजा देखने आई थी। भगदड़ में गिरने के बाद घायल होने पर उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां ऑक्सीजन दी जा रही थी।
कोलकाता में ज्यादा भीड़ वाले पंडाल बंद होंगे
हादसे के बाद पुलिस ने कोलकाता के कई प्रमुख दुर्गा पूजा आयोजकों से अपने पंडालों को कुछ समय के लिए बंद करने को कहा है। इन पंडालों में ज्यादा भीड़ आ रही थी। शहर में लगभग 3,500 दुर्गा पूजा पंडालों का आयोजन किया जा रहा है।
लापरवाही : रास्ता संकरा था, पंडाल में रोशनी भी कम
कोलकाता पुलिस के अनुसार, रात 7:40 बजे बारिश के दौरान पंडाल के निकास द्वार पर भारी भीड़ जुटने से अफरा-तफरी मची। लोगों ने तेज बारिश से बचने के लिए पंडाल के भीतर जाने की कोशिश की। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, भीड़ में फंसी एक लड़की गिरी, उसके बाद भीड़ उसे रौंदती चली गई। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि प्रवेश और निकास के रास्ते संकरे थे, रोशनी भी कम थी।
एक प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताया कि उसकी तीन सहेलियां साथ थीं। भीड़ में वे भी दब गईं। तीनों का पता नहीं चल रहा है।
360 डिग्री का घुमावदार रास्ता, पंडाल का एक हिस्सा टूट गया
पंडाल के भीतर 360 डिग्री घूमकर बाहर निकलने के लिए गोलाकार ऊंचा गलियारा बनाया गया था। इसी हिस्से में भीड़ का दबाव बढ़ा। पंडाल के ढांचे का हिस्सा टूटने की आशंका भी जताई जा रही है।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि आयोजकों की ओर से लाउडस्पीकर पर की गई घोषणा और सुरक्षा गार्डों के सीटी बजाने के बाद भगदड़ मची।


