शादी का शुभ मुहूर्त और भीषण गर्मी ऐसे बराता कैसे निकले सब लोग यही सोच रहे थे। दोपहर 43 डिग्री के तापमान में चिलचिलाती धूप पर चलना मुश्किल कार्य था। लेकिन दुल्हे के दोस्तों ने जो नवाचार किया और बारात का भरपूर मजा उसके आगे गर्मी फिकी पड़ गई।
सोशल मीडिया पर ये बारात चर्चा में है। चलिए बता रहे हैं बारातियों के अनोखे जुखाड़ की कहानी।
देवास इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। पारा 43 डिग्री के पार पहुंच चुका है। यहां दोपहर में सड़कें सूनी नजर आती हैं। लेकिन इसी तपती गर्मी के बीच शहर में निकली एक बारात ने अपने अनूठे अंदाज से सबका ध्यान खींच लिया। यह बारात अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई है और सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोर रही है।
कूलर की कूलिंग ने बराता में नहीं पड़ने दिया गर्मी का असर
मंगलवार दोपहर देवास के एक मोहल्ले से दूल्हा जब बारात लेकर निकला तो नजारा देखने लायक था। आगे-आगे बाराती, पीछे बैंड-बाजे और डीजे की धुन, और बीच में चल रहा था पहियों पर लगा एक बड़ा कूलर। लोहे के एंगल से बनाए गए ठेले पर कूलर को फिट किया गया था। जनरेटर की मदद से उसे चलाया जा रहा था। जैसे-जैसे बारात आगे बढ़ती, कूलर भी साथ-साथ चलता और ठंडी हवा फेंकता रहता।
दूल्हे के दोस्तों ने किया नया प्रयोग
आमतौर पर मई की दोपहरी में बारात निकालने की हिम्मत कोई नहीं करता। लेकिन दूल्हे के दोस्तों ने हार नहीं मानी। उन्होंने देसी जुगाड़ से इस समस्या का हल निकाल लिया। कूलर की ठंडी हवा में बाराती जमकर थिरके। कोई साफा बांधे नाच रहा था तो कोई रुमाल से पसीना पोंछते हुए डीजे की धुन पर झूम रहा था। तपती सड़क पर भी बारातियों का जोश देखते ही बन रहा था।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
बारात जब मुख्य मार्ग से गुजरी तो राहगीर ठिठक कर देखने लगे। कई लोगों ने अपने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोग कमेंट कर इस जुगाड़ की तारीफ कर रहे हैं। किसी ने लिखा कि यह है असली भारतीय दिमाग, तो किसी ने कहा कि शादियों में उत्साह के आगे गर्मी भी फेल है।
दूल्हे के एक दोस्त ने बताया कि मुहूर्त दोपहर का था। गर्मी बहुत थी, लेकिन तारीख बदल नहीं सकते थे। इसलिए हमने तय किया कि गर्मी का तोड़ निकालेंगे। कबाड़ से ठेला बनवाया, उस पर कूलर रखा और छोटा जनरेटर लगा दिया। दो लोग बारी-बारी से ठेले को खींचते रहे। नतीजा यह हुआ कि बारात में शामिल हर शख्स तपिश के बावजूद मुस्कुराता नजर आया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि देवास में ऐसी बारात पहली बार देखी गई है। आमतौर पर लोग गर्मी से बचने के लिए सुबह या रात में बारात निकालते हैं। लेकिन इस बारात ने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो मौसम भी रास्ता नहीं रोक सकता। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक कूलर की हवा का आनंद लेते हुए बारात में शामिल हुए।
जुगाड़ की चर्चा जिले में हो रही तेज
यह घटना एक बार फिर बताती है कि भारतीय शादियां सिर्फ रस्मों का नाम नहीं हैं, बल्कि जज्बे और नवाचार का उत्सव भी हैं। हालात चाहे जैसे हों, खुशी मनाने का तरीका लोग ढूंढ ही लेते हैं। देवास की इस अनोखी बारात ने गर्मी के बीच राहत की ठंडी बयार बहा दी। अब शहर में चर्चा है कि आने वाले दिनों में कई और बारातें इस जुगाड़ को अपना सकती हैं।
इस अनूठी पहल ने न सिर्फ बारातियों को गर्मी से राहत दी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि थोड़ी सी सूझबूझ से हर मुश्किल को आसान बनाया जा सकता है। फिलहाल यह देसी कूलर वाली बारात पूरे जिले में मुस्कान बिखेर रही है।


