नई दिल्ली । राजधानी में सुरक्षा इंतजामों का सीधा असर कारोबार पर दिखाई देने लगा है। शनिवार को सीजेपी के प्रदर्शन के चलते कनॉट प्लेस समेत कई प्रमुख बाजारों में दुकानें बंद रहीं या ग्राहक आवाजाही प्रभावित रही। कारोबारियों का कहना है कि त्योहारी और विवाह सीजन के ठीक पहले बाजारों में इस तरह की स्थिति व्यापार के लिए बड़ा झटका है।
एक दिन बाजार बंद रहने से सिर्फ उस दिन की बिक्री नहीं जाती, बल्कि माल की आवाजाही, कर्मचारियों की कमाई, डिलीवरी, परिवहन और छोटे कारोबारियों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ता है।
उनका कहना है कि जंतर-मंतर जैसे स्थानों के अलावा दिल्ली में तीन-चार और निर्धारित स्थान चिन्हित किए जाएं, जहां राजनीतिक दल कानून के अनुसार प्रदर्शन कर सकें।कैट के राष्ट्रीय महामंत्री व भाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल के मुताबिक, अक्तूबर 2026 से जनवरी 2027 तक दिल्ली के व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय है। इस दौरान दिल्ली में अनुमानित दैनिक कारोबार 500 से 600 करोड़ रुपये तक रहता है। प्रदर्शन के कारण रोजाना करीब 250 करोड़ रुपये के कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।


