नई दिल्ली । दिल्ली परिवहन विभाग राष्ट्रीय राजधानी में ई-रिक्शा के ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया आज यानी 15 मई से फिर से शुरू करने जा रहा है। पांच महीने के निलंबन के बाद शुरू हो रही इस प्रक्रिया के साथ विभाग ने कुछ नई पात्रता शर्तें भी जोड़ी हैं।
जिनका उद्देश्य शहर में तेजी से बढ़ते ई-रिक्शा की संख्या को नियंत्रित और विनियमित करना है।
रजिस्ट्रेशन के लिए नई पात्रता शर्तें क्या हैं?
परिवहन विभाग ने स्वामित्व को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है:
एक लाइसेंस, एक वाहन: अब एक ड्राइविंग लाइसेंस पर केवल एक ही ई-रिक्शा पंजीकृत किया जा सकेगा। पहले एक ही लाइसेंस धारक के नाम पर कई ई-रिक्शा रजिस्टर्ड हो जाते थे। जिससे मालिकाना हक कुछ ही हाथों में केंद्रित होने और अनधिकृत संचालन की चिंताएं बढ़ गई थीं।
कंपनियों पर पाबंदी: अप्रैल में विभाग ने उस सर्कुलर को भी वापस ले लिया था, जिसके तहत कंपनियां एक ही इकाई के नाम पर कई ई-कार्ट और ई-रिक्शा रजिस्टर कर सकती थीं। इसका उद्देश्य बड़े ऑपरेटरों के एकाधिकार को रोकना और व्यक्तिगत ड्राइवरों के लिए स्वरोजगार को बढ़ावा देना है।
क्या ट्रेनिंग को अनिवार्य कर दिया गया है?
हां, सुरक्षा और नियमों की जानकारी के लिए प्रशिक्षण को अब अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है:
दो सप्ताह का प्रशिक्षण: पंजीकरण चाहने वाले आवेदकों के लिए दो सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा करना अनिवार्य होगा।
सर्टिफिकेट है जरूरी: अधिकारियों के अनुसार, पंजीकरण तभी स्वीकृत किया जाएगा जब आवेदक एक वैध प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (ट्रेनिंग सर्टिफिकेट) जमा करेगा।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया क्या होगी?
पंजीकरण को आसान बनाने के लिए डिजिटल माध्यम का सहारा लिया जाएगा:
समर्पित लिंक: परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जल्द ही एक समर्पित ऑनलाइन पंजीकरण लिंक उपलब्ध कराया जाएगा।
निलंबन का कारण: पिछले साल नवंबर में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को इसलिए रोका गया था ताकि विभाग लास्ट-मील कनेक्टिविटी के लिए बढ़ते ई-रिक्शा के प्रबंधन हेतु एक नया ढांचा तैयार कर सके।
इन नए नियमों के पीछे सरकार का क्या उद्देश्य है?
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने इस नीति के दूरगामी लक्ष्यों के बारे में बताया है:
बेहतर विनियमन: एक वाहन को एक लाइसेंस धारक से जोड़ने से ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में कमी आएगी और दिल्ली की सड़कों से अनधिकृत वाहनों को हटाने में मदद मिलेगी।
ड्राइवरों के हितों की रक्षा: सरकार चाहती है कि यात्रियों को लास्ट-मील ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिले और साथ ही ई-रिक्शा ऑपरेटरों का काम भी सुचारू रूप से चले।
भविष्य की योजना: दिल्ली सरकार ई-रिक्शा को लेकर एक व्यापक नीति पर भी काम कर रही है। और आने वाले हफ्तों में इस क्षेत्र को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए प्रवर्तन उपायों को और सख्त करने की योजना है।
ड्राइवरों के लिए राहत
15 मई से लागू होने वाले ये नियम दिल्ली में ई-रिक्शा चलाने वाले व्यक्तिगत ड्राइवरों के लिए राहत लेकर आए हैं। जबकि बड़े ऑपरेटरों के बढ़ते प्रभाव पर लगाम कसेंगे। अब आवेदकों को रजिस्ट्रेशन के लिए अपनी ट्रेनिंग पूरी कर तैयार रहना होगा।


