नई दिल्ली। दिल्ली की खराब होती हवाओं के बीच बेशक पराली जलाने के मामलों पर बंदिश लगाने का शोर हर ओर है, लेकिन इस वक्त प्रदूषण में स्थानीय स्रोत ही प्रभावी हैं। बीते चार दिन में दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा शून्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि तात्कालिक की जगह दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण की काट दीर्घकालिक रणनीति से मिल सकती है।

